आप स्वयं प्रजापति ब्रह्माजीके पुत्र हैं और नारदजी! आपकी तपस्या, योग एवं समाधिके कारण वे अपने दूसरे पुत्रोंकी अपेक्षा आपका अधिक सम्मान भी करते हैं॥ ३॥✎ 635
भवान्प्रजापतेः साक्षादात्मजः परमेष्ठिनः।
सुतानां सम्मतो ब्रह्मंस्तपोयोगसमाधिभिः॥ ३
आप स्वयं प्रजापति ब्रह्माजीके पुत्र हैं और नारदजी! आपकी तपस्या, योग एवं समाधिके कारण वे अपने दूसरे पुत्रोंकी अपेक्षा आपका अधिक सम्मान भी करते हैं॥ ३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 7.11.3 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 875) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/7/11/3/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)