श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 7.11.3

सप्तम स्कन्ध · अध्याय 11 · अथैकादशोऽध्यायः

भवान्प्रजापतेः साक्षादात्मजः परमेष्ठिनः।

सुतानां सम्मतो ब्रह्मंस्तपोयोगसमाधिभिः॥ ३

bhavānprajāpateḥ sākṣādātmajaḥ parameṣṭhinaḥ|

sutānāṃ sammato brahmaṃstapoyogasamādhibhiḥ|| 3

अर्थ

आप स्वयं प्रजापति ब्रह्माजीके पुत्र हैं और नारदजी! आपकी तपस्या, योग एवं समाधिके कारण वे अपने दूसरे पुत्रोंकी अपेक्षा आपका अधिक सम्मान भी करते हैं॥ ३॥✎ 635

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #635 शब्दोंके बीचका स्थान: भगवान् की → भगवान्‌की

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