श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 7.2.28

सप्तम स्कन्ध · अध्याय 2 · अथ द्वितीयोऽध्यायः

उशीनरेष्वभूद्राजा सुयज्ञ इति विश्रुतः।

सपत्नैर्निहतो युद्धे ज्ञातयस्तमुपासत॥ २८

uśīnareṣvabhūdrājā suyajña iti viśrutaḥ|

sapatnairnihato yuddhe jñātayastamupāsata|| 28

अर्थ

उशीनर देशमें एक बड़ा यशस्वी राजा था। उसका नाम था सुयज्ञ। लड़ाईमें शत्रुओंने उसे मार डाला। उस समय उसके भाई-बन्धु उसे घेरकर बैठ गये॥ २८॥

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