श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 7.3.24

सप्तम स्कन्ध · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

स निरीक्ष्याम्बरे देवं हंसवाहमवस्थितम्।

ननाम शिरसा भूमौ तद्दर्शनमहोत्सवः॥ २४

sa nirīkṣyāmbare devaṃ haṃsavāhamavasthitam|

nanāma śirasā bhūmau taddarśanamahotsavaḥ|| 24

अर्थ

उसने देखा कि आकाशमें हंसपर चढ़े हुए ब्रह्माजी खड़े हैं। उन्हें देखकर उसे बड़ा आनन्द हुआ। अपना सिर पृथ्वीपर रखकर उसने उनको नमस्कार किया॥ २४॥

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