परीक्षित्! हमारे वृद्धप्रपितामह भगवान् वसिष्ठने उनकी यह बात सुनकर जान लिया कि होताने विपरीत संकल्प किया है। इसलिये उन्होंने वैवस्वत मनुसे कहा—॥ १९॥
तन्निशम्य वचस्तस्य भगवान् प्रपितामहः।
होतुर्व्यतिक्रमं ज्ञात्वा बभाषे रविनन्दनम्॥ १९
परीक्षित्! हमारे वृद्धप्रपितामह भगवान् वसिष्ठने उनकी यह बात सुनकर जान लिया कि होताने विपरीत संकल्प किया है। इसलिये उन्होंने वैवस्वत मनुसे कहा—॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.1.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 9) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/1/19/