इस प्रकार मनुपुत्र राजा सुद्युम्न स्त्री हो गये। ऐसा सुनते हैं कि उन्होंने उस अवस्थामें अपने कुलपुरोहित वसिष्ठजीका स्मरण किया॥ ३६॥
एवं स्त्रीत्वमनुप्राप्तः सुद्युम्नो मानवो नृपः।
सस्मार स्वकुलाचार्यं वसिष्ठमिति शुश्रुम॥ ३६
इस प्रकार मनुपुत्र राजा सुद्युम्न स्त्री हो गये। ऐसा सुनते हैं कि उन्होंने उस अवस्थामें अपने कुलपुरोहित वसिष्ठजीका स्मरण किया॥ ३६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.1.36 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 10) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/1/36/