जो परम पुरुष परमात्मा छोटे-बड़े सभी प्राणियोंके आत्मा हैं, प्रलयके समय केवल वही थे; यह विश्व तथा और कुछ भी नहीं था॥ ८॥
परावरेषां भूतानामात्मा यः पुरुषः परः।
स एवासीदिदं विश्वं कल्पान्तेऽन्यन्न किञ्चन॥ ८
जो परम पुरुष परमात्मा छोटे-बड़े सभी प्राणियोंके आत्मा हैं, प्रलयके समय केवल वही थे; यह विश्व तथा और कुछ भी नहीं था॥ ८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.1.8 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 7) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/1/8/