श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.10.41

नवम स्कन्ध · अध्याय 10 · अथ दशमोऽध्यायः

रामो लक्ष्मणसीताभ्यां विप्रेभ्यो येऽर्हसत्तमाः।

तेभ्यः स्वयं नमश्‍चक्रे प्रजाभिश्‍च नमस्कृतः॥ ४१

rāmo lakṣmaṇasītābhyāṃ viprebhyo ye'rhasattamāḥ|

tebhyaḥ svayaṃ namaścakre prajābhiśca namaskṛtaḥ|| 41

अर्थ

इसके बाद सीताजी और लक्ष्मणजीके साथ भगवान् श्रीरामजीने ब्राह्मण और पूजनीय गुरुजनोंको नमस्कार किया तथा सारी प्रजाने बड़े प्रेमसे सिर झुकाकर भगवान्‌के चरणोंमें प्रणाम किया॥ ४१॥

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