श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.14.8

नवम स्कन्ध · अध्याय 14 · अथ चतुर्दशोऽध्यायः

निवेदितोऽथांगिरसा सोमं निर्भर्त्स्य विश्‍वकृत्२।

तारां स्वभर्त्रे प्रायच्छदन्तर्वत्‍नीमवैत् पतिः॥ ८

nivedito'thāṃgirasā somaṃ nirbhartsya viśvakṛt|

tārāṃ svabhartre prāyacchadantarvatnīmavait patiḥ|| 8

अर्थ

तदनन्तर अंगिरा ऋषिने ब्रह्माजीके पास जाकर यह युद्ध बंद करानेकी प्रार्थना की। इसपर ब्रह्माजीने चन्द्रमाको बहुत डाँटा-फटकारा और ताराको उसके पति बृहस्पतिजीके हवाले कर दिया। जब बृहस्पतिजीको यह मालूम हुआ कि तारा तो गर्भवती है, तब उन्होंने कहा—॥ ८॥

टिप्पणियाँ

  1. २

    विश्‍वराट्।

    (मुद्रित पृष्ठ 70)

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