श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.15.16

नवम स्कन्ध · अध्याय 15 · अथ पञ्चदशोऽध्यायः

राजोवाच

किं तदंहो भगवतो राजन्यैरजितात्मभिः।

कृतं येन कुलं नष्टं क्षत्रियाणामभीक्ष्णशः॥ १६

kiṃ tadaṃho bhagavato rājanyairajitātmabhiḥ|

kṛtaṃ yena kulaṃ naṣṭaṃ kṣatriyāṇāmabhīkṣṇaśaḥ|| 16

अर्थ

राजा परीक्षित‍्ने पूछा—भगवन्! अवश्य ही उस समयके क्षत्रिय विषयलोलुप हो गये थे; परन्तु उन्होंने परशुरामजीका ऐसा कौन-सा अपराध कर दिया, जिसके कारण उन्होंने बार-बार क्षत्रियोंके वंशका संहार किया?॥ १६॥

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