श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.16.6

नवम स्कन्ध · अध्याय 16 · अथ षोडशोऽध्यायः

रामः संचोदितः पित्रा भ्रातॄन् मात्रा सहावधीत्।

प्रभावज्ञो मुनेः सम्यक् समाधेस्तपस१श्‍च सः॥ ६

rāmaḥ saṃcoditaḥ pitrā bhrātṝn mātrā sahāvadhīt|

prabhāvajño muneḥ samyak samādhestapasaśca saḥ|| 6

अर्थ

इसके बाद पिताकी आज्ञासे परशुरामजीने माताके साथ सब भाइयोंको भी मार डाला। इसका कारण था। वे अपने पिताजीके योग और तपस्याका प्रभाव भलीभाँति जानते थे॥ ६॥

टिप्पणियाँ

  1. १

    सः सुतः।

     

    (मुद्रित पृष्ठ 80)

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