॥ श्रीहरिः ॥
मरुत्तस्य दमः पुत्रस्तस्यासीद् राज्यवर्धनः।
सुधृतिस्तत्सुतो जज्ञे सौधृतेयो नरः सुतः॥ २९
maruttasya damaḥ putrastasyāsīd rājyavardhanaḥ|
sudhṛtistatsuto jajñe saudhṛteyo naraḥ sutaḥ|| 29
अर्थ
मरुत्तके पुत्रका नाम था दम। दमसे राज्यवर्धन, उससे सुधृति और सुधृतिसे नर नामक पुत्रकी उत्पत्ति हुई॥ २९॥
मरुत्तस्य दमः पुत्रस्तस्यासीद् राज्यवर्धनः।
सुधृतिस्तत्सुतो जज्ञे सौधृतेयो नरः सुतः॥ २९
मरुत्तके पुत्रका नाम था दम। दमसे राज्यवर्धन, उससे सुधृति और सुधृतिसे नर नामक पुत्रकी उत्पत्ति हुई॥ २९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.2.29 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 14) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/2/29/