श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.2.29

नवम स्कन्ध · अध्याय 2 · अथ द्वितीयोऽध्यायः

मरुत्तस्य दमः पुत्रस्तस्यासीद् राज्यवर्धनः।

सुधृतिस्तत्सुतो जज्ञे सौधृतेयो नरः सुतः॥ २९

maruttasya damaḥ putrastasyāsīd rājyavardhanaḥ|

sudhṛtistatsuto jajñe saudhṛteyo naraḥ sutaḥ|| 29

अर्थ

मरुत्तके पुत्रका नाम था दम। दमसे राज्यवर्धन, उससे सुधृति और सुधृतिसे नर नामक पुत्रकी उत्पत्ति हुई॥ २९॥

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