॥ श्रीहरिः ॥
सौमदत्तिस्तु सुमतिस्तत्सुतो जनमेजयः।
एते वैशालभूपालास्तृणबिन्दोर्यशोधराः॥ ३६
saumadattistu sumatistatsuto janamejayaḥ|
ete vaiśālabhūpālāstṛṇabindoryaśodharāḥ|| 36
अर्थ
सोमदत्तका पुत्र हुआ सुमति और सुमतिसे जनमेजय। ये सब तृणबिन्दुकी कीर्तिको बढ़ानेवाले विशालवंशी राजा हुए॥ ३६॥
इति श्रीमद्भागवते महापुराणे पारमहंस्यां संहितायां
नवमस्कन्धे द्वितीयोऽध्यायः॥ २॥
सौमदत्तिस्तु सुमतिस्तत्सुतो जनमेजयः।
एते वैशालभूपालास्तृणबिन्दोर्यशोधराः॥ ३६
सोमदत्तका पुत्र हुआ सुमति और सुमतिसे जनमेजय। ये सब तृणबिन्दुकी कीर्तिको बढ़ानेवाले विशालवंशी राजा हुए॥ ३६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.2.36 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 14) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/2/36/