श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.20.19

नवम स्कन्ध · अध्याय 20 · अथ विंशोऽध्यायः

तं दुरत्ययविक्रान्तमादाय प्रमदोत्तमा।

हरेरंशांशसम्भूतं भर्तुरन्तिकमागमत्॥ १९

taṃ duratyayavikrāntamādāya pramadottamā|

hareraṃśāṃśasambhūtaṃ bharturantikamāgamat|| 19

अर्थ

वह बालक भगवान्‌का अंशांशावतार था। उसका बल-विक्रम अपरिमित था। उसे अपने साथ लेकर रमणीरत्‍न शकुन्तला अपने पतिके पास गयी॥ १९॥

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