पहले युगमें बलवान् असुरोंने देवताओंपर विजय प्राप्त कर ली थी और वे रसातलमें रहने लगे थे। उस समय वे बहुत-सी देवांगनाओंको रसातलमें ले गये थे। राजा भरतने फिरसे उन्हें छुड़ा दिया॥ ३१॥✎ 1647
जित्वा पुरासुरा देवान् ये रसौकांसि भेजिरे।
देवस्त्रियो रसां नीताः प्राणिभिः पुनराहरत्॥ ३१
पहले युगमें बलवान् असुरोंने देवताओंपर विजय प्राप्त कर ली थी और वे रसातलमें रहने लगे थे। उस समय वे बहुत-सी देवांगनाओंको रसातलमें ले गये थे। राजा भरतने फिरसे उन्हें छुड़ा दिया॥ ३१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.20.31 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 98) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/20/31/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)