श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.20.31

नवम स्कन्ध · अध्याय 20 · अथ विंशोऽध्यायः

जित्वा पुरासुरा देवान् ये रसौकांसि भेजिरे।

देवस्त्रियो रसां नीताः प्राणिभिः पुनराहरत्॥ ३१

jitvā purāsurā devān ye rasaukāṃsi bhejire|

devastriyo rasāṃ nītāḥ prāṇibhiḥ punarāharat|| 31

अर्थ

पहले युगमें बलवान् असुरोंने देवताओंपर विजय प्राप्त कर ली थी और वे रसातलमें रहने लगे थे। उस समय वे बहुत-सी देवांगनाओंको रसातलमें ले गये थे। राजा भरतने फिरसे उन्हें छुड़ा दिया॥ ३१॥✎ 1647

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1647 पंक्तिके अन्तका योजक-चिह्न: पद-पर → पदपर

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