॥ श्रीहरिः ॥
रोमपादसुतो बभ्रुर्बभ्रोः कृतिरजायत।
उशिकस्तत्सुतस्तस्माच्चेदिश्चैद्यादयो नृप॥ २
romapādasuto babhrurbabhroḥ kṛtirajāyata|
uśikastatsutastasmāccediścaidyādayo nṛpa|| 2
अर्थ
रोमपादका पुत्र बभ्रु, बभ्रुका कृति, कृतिका उशिक और उशिकका चेदि। राजन्! इस चेदिके वंशमें ही दमघोष एवं शिशुपाल आदि हुए॥ २॥
रोमपादसुतो बभ्रुर्बभ्रोः कृतिरजायत।
उशिकस्तत्सुतस्तस्माच्चेदिश्चैद्यादयो नृप॥ २
रोमपादका पुत्र बभ्रु, बभ्रुका कृति, कृतिका उशिक और उशिकका चेदि। राजन्! इस चेदिके वंशमें ही दमघोष एवं शिशुपाल आदि हुए॥ २॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.24.2 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 112) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/24/2/