श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.24.46

नवम स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

बलं गदं सारणं च दुर्मदं विपुलं ध्रुवम्।

वसुदेवस्तु रोहिण्यां कृतादीनुदपादयत्॥ ४६

balaṃ gadaṃ sāraṇaṃ ca durmadaṃ vipulaṃ dhruvam|

vasudevastu rohiṇyāṃ kṛtādīnudapādayat|| 46

अर्थ

रोहिणीके गर्भसे वसुदेवजीके बलराम, गद, सारण, दुर्मद, विपुल, ध्रुव और कृत आदि पुत्र हुए थे॥ ४६॥

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