श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.4.10

नवम स्कन्ध · अध्याय 4 · अथ चतुर्थोऽध्यायः

यत् ते पितावदद् धर्मं त्वं च सत्यं प्रभाषसे।

ददामि ते मन्त्रदृशे ज्ञानं ब्रह्म सनातनम्॥ १०

yat te pitāvadad dharmaṃ tvaṃ ca satyaṃ prabhāṣase|

dadāmi te mantradṛśe jñānaṃ brahma sanātanam|| 10

अर्थ

तब भगवान् रुद्रने कहा—‘तुम्हारे पिताने धर्मके अनुकूल निर्णय दिया है और तुमने भी मुझसे सत्य ही कहा है। तुम वेदोंका अर्थ तो पहलेसे ही जानते हो। अब मैं तुम्हें सनातन ब्रह्मतत्त्वका ज्ञान देता हूँ॥ १०॥

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