श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.4.7

नवम स्कन्ध · अध्याय 4 · अथ चतुर्थोऽध्यायः

ममेदमृषिभिर्दत्तमिति तर्हि स्म मानवः।

स्यान्‍नौ ते पितरि प्रश्‍नः पृष्टवान् पितरं तथा॥ ७

mamedamṛṣibhirdattamiti tarhi sma mānavaḥ|

syānnau te pitari praśnaḥ pṛṣṭavān pitaraṃ tathā|| 7

अर्थ

नाभागने कहा—‘ऋषियोंने यह धन मुझे दिया है, इसलिये मेरा है।’ इसपर उस पुरुषने कहा—‘हमारे विवादके विषयमें तुम्हारे पितासे ही प्रश्‍न किया जाय।’ तब नाभागने जाकर पितासे पूछा॥ ७॥

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