सब बातें सुनकर परीक्षित्को बड़ी प्रसन्नता हुई और उन्होंने वज्रनाभ तथा श्रीकृष्णपत्नियोंको उसी समय साथ ले उस स्थानपर पहुँचकर तत्काल वह सब कार्य आरम्भ करवा दिया, जो कि यमुनाजीने बताया था॥ २९॥✎ 14601461
विष्णुरातस्तु तच्छ्रुत्वा प्रसन्नस्तद्युतस्तदा।
तत्रैवागत्य तत् सर्वं कारयामास सत्वरम्॥ २९
सब बातें सुनकर परीक्षित्को बड़ी प्रसन्नता हुई और उन्होंने वज्रनाभ तथा श्रीकृष्णपत्नियोंको उसी समय साथ ले उस स्थानपर पहुँचकर तत्काल वह सब कार्य आरम्भ करवा दिया, जो कि यमुनाजीने बताया था॥ २९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण POST.2.29 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 992) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/skanda/2/29/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)
#1460 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): पराक्षित्को → परीक्षित्को