श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.3.64

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

तेन प्राप्स्यसि राजंस्त्वं नित्यं धाम व्रजेशितुः।

श्रीभागवतसंचारस्ततो भुवि भविष्यति॥ ६४

tena prāpsyasi rājaṃstvaṃ nityaṃ dhāma vrajeśituḥ|

śrībhāgavatasaṃcārastato bhuvi bhaviṣyati|| 64

अर्थ

राजन्! उस कथाके श्रवणसे तुम व्रजेश्‍वर श्रीकृष्णके नित्यधामको प्राप्त करोगे। इसके पश्‍चात् इस पृथ्वीपर श्रीमद्भागवत-कथाका प्रचार होगा॥ ६४॥

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