श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.3.72

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

येऽन्ये च तत्र ते सर्वे नित्यलीलान्तरं गताः।

व्यावहारिकलोकेभ्यः सद्योऽदर्शनमागताः॥ ७२

ye'nye ca tatra te sarve nityalīlāntaraṃ gatāḥ|

vyāvahārikalokebhyaḥ sadyo'darśanamāgatāḥ|| 72

अर्थ

इनके अतिरिक्त भी जो श्रोतागण वहाँ उपस्थित थे वे भी भगवान्‌की नित्य अन्तरंगलीलामें सम्मिलित होकर इस स्थूल व्यावहारिक जगत‍्से तत्काल अन्तर्धान हो गये॥ ७२॥

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