धर्म और पृथ्वी इस प्रकार आपसमें बातचीत कर ही रहे थे कि उसी समय राजर्षि परीक्षित् पूर्ववाहिनी सरस्वतीके तटपर आ पहुँचे॥ ३६॥
इति श्रीमद्भागवते महापुराणे पारमहंस्यां संहितायां प्रथमस्कन्धे पृथ्वीधर्मसंवादो४ नाम षोडशोऽध्यायः॥ १६॥
तयोरेवं कथयतोः पृथिवीधर्मयोस्तदा।
परीक्षिन्नाम राजर्षिः प्राप्तः प्राचीं सरस्वतीम्॥ ३६
धर्म और पृथ्वी इस प्रकार आपसमें बातचीत कर ही रहे थे कि उसी समय राजर्षि परीक्षित् पूर्ववाहिनी सरस्वतीके तटपर आ पहुँचे॥ ३६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.16.36 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 162) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/1/16/36/