श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 1.17.9

प्रथम स्कन्ध · अध्याय 17 · अथ सप्तदशोऽध्यायः

मा सौरभेयानुशुचो व्येतु ते वृषलाद् भयम्।

मा रोदीरम्ब भद्रं ते खलानां मयि शास्तरि॥ ९

mā saurabheyānuśuco vyetu te vṛṣalād bhayam|

mā rodīramba bhadraṃ te khalānāṃ mayi śāstari|| 9

अर्थ

धेनुपुत्र! अब आप शोक न करें। इस शूद्रसे निर्भय हो जायँ। गोमाता! मैं दुष्टोंको दण्ड देनेवाला हूँ। अब आप रोयें नहीं। आपका कल्याण हो॥ ९॥

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