इसमें सारे वेद और इतिहासोंका सार-सार संग्रह किया गया है। शुकदेवजीने राजा परीक्षित्को यह सुनाया॥ ४२॥
सर्ववेदेतिहासानां सारं सारं समुद्धृतम्।
स तु संश्रावयामास महाराजं परीक्षितम्॥ ४२
इसमें सारे वेद और इतिहासोंका सार-सार संग्रह किया गया है। शुकदेवजीने राजा परीक्षित्को यह सुनाया॥ ४२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.3.42 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 93) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/1/3/42/