श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 1.4.24

प्रथम स्कन्ध · अध्याय 4 · अथ चतुर्थोऽध्यायः

त एव वेदा दुर्मेधैर्धार्यन्ते पुरुषैर्यथा।

एवं चकार भगवान् व्यासः कृपणवत्सलः॥ २४

ta eva vedā durmedhairdhāryante puruṣairyathā|

evaṃ cakāra bhagavān vyāsaḥ kṛpaṇavatsalaḥ|| 24

अर्थ

कम समझवाले पुरुषोंपर कृपा करके भगवान् वेदव्यासने इसलिये ऐसा विभाग कर दिया कि जिन लोगोंको स्मरणशक्ति नहीं है या कम है, वे भी वेदोंको धारण कर सकें॥ २४॥

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