ये श्रीकृष्ण साक्षात् भगवान् हैं। ये सबके आदिकारण और परम पुरुष नारायण हैं। अपनी मायासे लोगोंको मोहित करते हुए ये यदुवंशियोंमें छिपकर लीला कर रहे हैं॥ १८॥✎ 1576
एष वै भगवान् साक्षादाद्यो नारायणः पुमान्।
मोहयन्मायया लोकं गूढश्चरति वृष्णिषु॥ १८
ये श्रीकृष्ण साक्षात् भगवान् हैं। ये सबके आदिकारण और परम पुरुष नारायण हैं। अपनी मायासे लोगोंको मोहित करते हुए ये यदुवंशियोंमें छिपकर लीला कर रहे हैं॥ १८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.9.18 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 121) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/1/9/18/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)