श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.1.49

दशम स्कन्ध · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

प्रदाय मृत्यवे पुत्रान् मोचये कृपणामिमाम्।

सुता मे यदि जायेरन् मृत्युर्वा न म्रियेत चेत्॥ ४९

pradāya mṛtyave putrān mocaye kṛpaṇāmimām|

sutā me yadi jāyeran mṛtyurvā na mriyeta cet|| 49

अर्थ

इसलिये इस मृत्युरूप कंसको अपने पुत्र दे देनेकी प्रतिज्ञा करके मैं इस दीन देवकीको बचा लूँ। यदि मेरे लड़के होंगे और तबतक यह कंस स्वयं नहीं मर जायगा, तब क्या होगा?॥ ४९॥

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