॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 10.10.30
त्वमेकः सर्वभूतानां देहास्वात्मेन्द्रियेश्वरः।
त्वमेव कालो भगवान् विष्णुरव्यय ईश्वरः॥ ३०
tvamekaḥ sarvabhūtānāṃ dehāsvātmendriyeśvaraḥ|
tvameva kālo bhagavān viṣṇuravyaya īśvaraḥ|| 30
अर्थ
आप ही समस्त प्राणियोंके शरीर, प्राण, अन्तःकरण और इन्द्रियोंके स्वामी हैं। तथा आप ही सर्वशक्तिमान् काल, सर्वव्यापक एवं अविनाशी ईश्वर हैं॥ ३०॥