jahṛṣurye ca kaṃsādyāḥ kauṇapāstvaghabāndhavāḥ|| 29
अर्थ
उस समय बादलोंमें छिपे हुए देवता भयवश ‘हाय-हाय’ पुकार उठे और अघासुरके हितैषी कंस आदि राक्षस हर्ष प्रकट करने लगे॥ २९॥
तदा घनच्छदा देवा भयाद्धाहेति चुक्रुशुः।
जहृषुर्ये च कंसाद्याः कौणपास्त्वघबान्धवाः॥ २९
उस समय बादलोंमें छिपे हुए देवता भयवश ‘हाय-हाय’ पुकार उठे और अघासुरके हितैषी कंस आदि राक्षस हर्ष प्रकट करने लगे॥ २९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.12.29 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 207) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/12/29/