परीक्षित्! उसी दिन बालकोंने व्रजमें जाकर कहा कि ‘आज यशोदा मैयाके लाड़ले नन्दनन्दनने वनमें एक बड़ा भारी अजगर मार डाला है और उससे हमलोगोंकी रक्षा की है’॥ ४८॥✎ 1423
अद्यानेन महाव्यालो यशोदानन्दसूनुना।
हतोऽविता वयं चास्मादिति बाला व्रजे जगुः॥ ४८
परीक्षित्! उसी दिन बालकोंने व्रजमें जाकर कहा कि ‘आज यशोदा मैयाके लाड़ले नन्दनन्दनने वनमें एक बड़ा भारी अजगर मार डाला है और उससे हमलोगोंकी रक्षा की है’॥ ४८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.14.48 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 229) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/14/48/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#1423 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): महकते → महँकते