॥ श्रीहरिः ॥
एतत्ते सर्वमाख्यातं यत् पृष्टोऽहमिह त्वया।
यत् कौमारे हरिकृतं पौगण्डे परिकीर्तितम्॥ ५९
etatte sarvamākhyātaṃ yat pṛṣṭo'hamiha tvayā|
yat kaumāre harikṛtaṃ paugaṇḍe parikīrtitam|| 59
अर्थ
परीक्षित्! तुमने मुझसे पूछा था कि भगवान्के पाँचवें वर्षकी लीला ग्वालबालोंने छठे वर्षमें कैसे कही, उसका सारा रहस्य मैंने तुम्हें बतला दिया॥ ५९॥
एतत्ते सर्वमाख्यातं यत् पृष्टोऽहमिह त्वया।
यत् कौमारे हरिकृतं पौगण्डे परिकीर्तितम्॥ ५९
परीक्षित्! तुमने मुझसे पूछा था कि भगवान्के पाँचवें वर्षकी लीला ग्वालबालोंने छठे वर्षमें कैसे कही, उसका सारा रहस्य मैंने तुम्हें बतला दिया॥ ५९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.14.59 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 230) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/14/59/