श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.18.16

दशम स्कन्ध · अध्याय 18 · अथाष्टादशोऽध्यायः

एवं तौ लोकसिद्धाभिः क्रीडाभिश्‍चेरतुर्वने।

नद्यद्रिद्रोणिकुंजेषु काननेषु सरस्सु च॥ १६

evaṃ tau lokasiddhābhiḥ krīḍābhiśceraturvane|

nadyadridroṇikuṃjeṣu kānaneṣu sarassu ca|| 16

अर्थ

इस प्रकार राम और श्याम वृन्दावनकी नदी, पर्वत, घाटी, कुंज, वन और सरोवरोंमें वे सभी खेल खेलते जो साधारण बच्चे संसारमें खेला करते हैं॥ १६॥✎ 1663

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1663 पंक्तिके अन्तका योजक-चिह्न: बल-पर → बलपर

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