श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.18.9

दशम स्कन्ध · अध्याय 18 · अथाष्टादशोऽध्यायः

प्रवालबर्हस्तबकस्रग्धातुकृतभूषणाः ।

रामकृष्णादयो गोपा ननृतुर्युयुधुर्जगुः॥ ९

pravālabarhastabakasragdhātukṛtabhūṣaṇāḥ |

rāmakṛṣṇādayo gopā nanṛturyuyudhurjaguḥ|| 9

अर्थ

राम, श्याम और ग्वालबालोंने नव पल्लवों, मोर-पंखके गुच्छों, सुन्दर-सुन्दर पुष्पोंके हारों और गेरू आदि रंगीन धातुओंसे अपनेको भाँति-भाँतिसे सजा लिया। फिर कोई आनन्दमें म‌ग्‍न होकर नाचने लगा तो कोई ताल ठोंककर कुश्ती लड़ने लगा और किसी-किसीने राग अलापना शुरू कर दिया॥ ९॥

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