garbhasaṃkarṣaṇāt taṃ vai prāhuḥ saṃkarṣaṇaṃ bhuvi|
rāmeti lokaramaṇād balaṃ balavaducchrayāt|| 13
अर्थ
देवकीके गर्भमेंसे खींचे जानेके कारण शेषजीको लोग संसारमें ‘संकर्षण’ कहेंगे, लोकरंजन करनेके कारण ‘राम’ कहेंगे और बलवानोंमें श्रेष्ठ होनेके कारण ‘बलभद्र’ भी कहेंगे॥ १३॥
गर्भसंकर्षणात् तं वै प्राहुः संकर्षणं भुवि।
रामेति लोकरमणाद् बलं बलवदुच्छ्रयात्॥ १३
देवकीके गर्भमेंसे खींचे जानेके कारण शेषजीको लोग संसारमें ‘संकर्षण’ कहेंगे, लोकरंजन करनेके कारण ‘राम’ कहेंगे और बलवानोंमें श्रेष्ठ होनेके कारण ‘बलभद्र’ भी कहेंगे॥ १३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.2.13 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 129) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/2/13/