श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.20.26

दशम स्कन्ध · अध्याय 20 · अथ विंशोऽध्यायः

धेनवो मन्दगामिन्य ऊधोभारेण भूयसा।

ययुर्भगवताऽऽहूता द्रुतं प्रीत्या स्नुतस्तनीः॥ २६

dhenavo mandagāminya ūdhobhāreṇa bhūyasā|

yayurbhagavatā''hūtā drutaṃ prītyā snutastanīḥ|| 26

अर्थ

गौएँ अपने थनोंके भारी भारके कारण बहुत ही धीरे-धीरे चल रही थीं। जब भगवान् श्रीकृष्ण उनका नाम लेकर पुकारते, तब वे प्रेमपरवश होकर जल्दी-जल्दी दौड़ने लगतीं। उस समय उनके थनोंसे दूधकी धारा गिरती जाती थी॥ २६॥

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