श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.25.28

दशम स्कन्ध · अध्याय 25 · अथ पञ्चविंशोऽध्यायः

भगवानपि तं शैलं स्वस्थाने पूर्ववत् प्रभुः।

पश्यतां सर्वभूतानां स्थापयामास लीलया॥ २८

bhagavānapi taṃ śailaṃ svasthāne pūrvavat prabhuḥ|

paśyatāṃ sarvabhūtānāṃ sthāpayāmāsa līlayā|| 28

अर्थ

सर्वशक्तिमान् भगवान् श्रीकृष्णने भी सब प्राणियोंके देखते-देखते खेल-खेलमें ही गिरिराजको पूर्ववत् उसके स्थानपर रख दिया॥ २८॥

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