जैसे गजराज कोई कमल उखाड़कर उसे ऊपर उठा ले और धारण करे, वैसे ही इस नन्हें-से सात वर्षके बालकने एक ही हाथसे गिरिराज गोवर्द्धनको उखाड़ लिया और खेल-खेलमें सात दिनोंतक उठाये रखा॥ ३॥
यः सप्तहायनो बालः करेणैकेन लीलया।
कथं बिभ्रद् गिरिवरं पुष्करं गजराडिव॥ ३
जैसे गजराज कोई कमल उखाड़कर उसे ऊपर उठा ले और धारण करे, वैसे ही इस नन्हें-से सात वर्षके बालकने एक ही हाथसे गिरिराज गोवर्द्धनको उखाड़ लिया और खेल-खेलमें सात दिनोंतक उठाये रखा॥ ३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.26.3 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 298) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/26/3/