एक दिनकी बात है, अलौकिक कर्म करनेवाले भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजी रात्रिके समय वनमें गोपियोंके साथ विहार कर रहे थे॥ २०॥
कदाचिदथ गोविन्दो रामश्चाद्भुतविक्रमः।
विजह्रतुर्वने रात्र्यां मध्यगौ व्रजयोषिताम्॥ २०
एक दिनकी बात है, अलौकिक कर्म करनेवाले भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजी रात्रिके समय वनमें गोपियोंके साथ विहार कर रहे थे॥ २०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.34.20 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 349) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/34/20/