भगवान् श्रीकृष्णने अपने दोनों हाथोंसे उसके दोनों सींग पकड़ लिये और जैसे एक हाथी अपनेसे भिड़नेवाले दूसरे हाथीको पीछे हटा देता है, वैसे ही उन्होंने उसे अठारह पग पीछे ठेलकर गिरा दिया॥ ११॥
गृहीत्वा शृङ्गयोस्तं वा अष्टादश पदानि सः।
प्रत्यपोवाह भगवान् गजः प्रतिगजं यथा॥ ११
भगवान् श्रीकृष्णने अपने दोनों हाथोंसे उसके दोनों सींग पकड़ लिये और जैसे एक हाथी अपनेसे भिड़नेवाले दूसरे हाथीको पीछे हटा देता है, वैसे ही उन्होंने उसे अठारह पग पीछे ठेलकर गिरा दिया॥ ११॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.36.11 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 358) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/36/11/