ye balābalavadyuddhaṃ rājño'nvicchanti paśyataḥ|| 7
अर्थ
‘यहाँ राजा कंसके सभासद् बड़ा अन्याय और अधर्म कर रहे हैं। कितने खेदकी बात है कि राजाके सामने ही ये बली पहलवानों और निर्बल बालकोंके युद्धका अनुमोदन करते हैं॥ ७॥
महानयं बताधर्म एषां राजसभासदाम्।
ये बलाबलवद्युद्धं राज्ञोऽन्विच्छन्ति पश्यतः॥ ७
‘यहाँ राजा कंसके सभासद् बड़ा अन्याय और अधर्म कर रहे हैं। कितने खेदकी बात है कि राजाके सामने ही ये बली पहलवानों और निर्बल बालकोंके युद्धका अनुमोदन करते हैं॥ ७॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.44.7 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 402) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/44/7/