भगवान् श्रीकृष्ण रणभूमिसे अपार धन और वीरोंके आभूषण ले आये थे। वह सब उन्होंने यदुवंशियोंके राजा उग्रसेनके पास भेज दिया॥ ४१॥✎ 1683
आयोधनगतं वित्तमनन्तं वीरभूषणम्।
यदुराजाय तत् सर्वमाहृतं प्रादिशत्प्रभुः॥ ४१
भगवान् श्रीकृष्ण रणभूमिसे अपार धन और वीरोंके आभूषण ले आये थे। वह सब उन्होंने यदुवंशियोंके राजा उग्रसेनके पास भेज दिया॥ ४१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.50.41 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 450) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/50/41/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)