इसके बाद जैसे सिंह सियारोंके बीचमेंसे अपना भाग ले जाय, वैसे ही रुक्मिणीजीको लेकर भगवान् श्रीकृष्ण बलरामजी आदि यदुवंशियोंके साथ वहाँसे चल पड़े॥ ५६॥
ततो ययौ रामपुरोगमैः शनैः
सृगालमध्यादिव भागहृद्धरिः॥ ५६
इसके बाद जैसे सिंह सियारोंके बीचमेंसे अपना भाग ले जाय, वैसे ही रुक्मिणीजीको लेकर भगवान् श्रीकृष्ण बलरामजी आदि यदुवंशियोंके साथ वहाँसे चल पड़े॥ ५६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.53.56 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 473) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/53/56/