श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.63.19

दशम स्कन्ध · अध्याय 63 · अथ त्रिषष्टितमोऽध्यायः

तानि चिच्छेद भगवान् धनूंषि युगपद्धरिः।

सारथिं रथमश्‍वांश्‍च हत्वा शंखमपूरयत्॥ १९

tāni ciccheda bhagavān dhanūṃṣi yugapaddhariḥ|

sārathiṃ rathamaśvāṃśca hatvā śaṃkhamapūrayat|| 19

अर्थ

परन्तु भगवान् श्रीकृष्णने एक साथ ही उसके सारे धनुष काट डाले और सारथि, रथ तथा घोड़ोंको भी धराशायी कर दिया एवं शंखध्वनि की॥ १९॥✎ 2123

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #2123 यूनिकोड-रूप (अक्षर वही): डि़ → ड़ि

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