श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.68.16

दशम स्कन्ध · अध्याय 68 · अथाष्टषष्टितमोऽध्यायः

गत्वा गजाह्वयं रामो बाह्योपवनमास्थितः।

उद्धवं प्रेषयामास धृतराष्ट्रं बुभुत्सया॥ १६

gatvā gajāhvayaṃ rāmo bāhyopavanamāsthitaḥ|

uddhavaṃ preṣayāmāsa dhṛtarāṣṭraṃ bubhutsayā|| 16

अर्थ

हस्तिनापुर पहुँचकर बलरामजी नगरके बाहर एक उपवनमें ठहर गये और कौरवलोग क्या करना चाहते हैं, इस बातका पता लगानेके लिये उन्होंने उद्धवजीको धृतराष्ट्रके पास भेजा॥ १६॥

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