श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.69.32

दशम स्कन्ध · अध्याय 69 · अथैकोनसप्ततितमोऽध्यायः

पुत्राणां दुहितॄणां च काले विध्युपयापनम्।

दारैर्वरैस्तत्सदृशैः कल्पयन्तं विभूतिभिः॥ ३२

putrāṇāṃ duhitṝṇāṃ ca kāle vidhyupayāpanam|

dārairvaraistatsadṛśaiḥ kalpayantaṃ vibhūtibhiḥ|| 32

अर्थ

कहीं उचित समयपर पुत्र और कन्याओंका उनके सदृश पत्‍नी और वरोंके साथ बड़ी धूमधामसे विधिवत् विवाह कर रहे हैं॥ ३२॥

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