एक दिनकी बात है, द्वारकापुरीमें राजसभाके द्वारपर एक नया मनुष्य आया। द्वारपालोंने भगवान्को उसके आनेकी सूचना देकर उसे सभाभवनमें उपस्थित किया॥ २२॥✎ 1707
तत्रैकः पुरुषो राजन्नागतोऽपूर्वदर्शनः।
विज्ञापितो भगवते प्रतीहारैः प्रवेशितः॥ २२
एक दिनकी बात है, द्वारकापुरीमें राजसभाके द्वारपर एक नया मनुष्य आया। द्वारपालोंने भगवान्को उसके आनेकी सूचना देकर उसे सभाभवनमें उपस्थित किया॥ २२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.70.22 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 569) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/70/22/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)