श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.71.5

दशम स्कन्ध · अध्याय 71 · अथैकसप्ततितमोऽध्यायः

स वै दुर्विषहो राजा नागायुतसमो बले।

बलिनामपि चान्येषां भीमं समबलं विना॥ ५

sa vai durviṣaho rājā nāgāyutasamo bale|

balināmapi cānyeṣāṃ bhīmaṃ samabalaṃ vinā|| 5

अर्थ

राजा जरासन्ध बड़े-बड़े लोगोंके भी दाँत खट्टे कर देता है; क्योंकि दस हजार हाथियोंका बल उसे प्राप्त है। उसे यदि हरा सकते हैं तो केवल भीमसेन, क्योंकि वे भी वैसे ही बली हैं॥ ५॥

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