श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.72.39

दशम स्कन्ध · अध्याय 72 · अथ द्विसप्ततितमोऽध्यायः

तयोरेवं प्रहरतोः समशिक्षाबलौजसोः।

निर्विशेषमभूद् युद्धमक्षीणजवयोर्नृप॥ ३९

tayorevaṃ praharatoḥ samaśikṣābalaujasoḥ|

nirviśeṣamabhūd yuddhamakṣīṇajavayornṛpa|| 39

अर्थ

परीक्षित्! जरासन्ध और भीमसेन दोनोंकी गदा-युद्धमें कुशलता, बल और उत्साह समान थे। दोनोंकी शक्ति तनिक भी क्षीण नहीं हो रही थी। इस प्रकार लगातार प्रहार करते रहनेपर भी दोनोंमेंसे किसीकी जीत या हार न हुई॥ ३९॥

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