श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.72.44

दशम स्कन्ध · अध्याय 72 · अथ द्विसप्ततितमोऽध्यायः

तद् विज्ञाय महासत्त्वो भीमः प्रहरतां वरः।

गृहीत्वा पादयोः शत्रुं पातयामास भूतले॥ ४४

tad vijñāya mahāsattvo bhīmaḥ praharatāṃ varaḥ|

gṛhītvā pādayoḥ śatruṃ pātayāmāsa bhūtale|| 44

अर्थ

वीरशिरोमणि एवं परम शक्तिशाली भीमसेनने भगवान् श्रीकृष्णका अभिप्राय समझ लिया और जरासन्धके पैर पकड़कर उसे धरतीपर दे मारा॥ ४४॥

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