श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.77.5

दशम स्कन्ध · अध्याय 77 · अथ सप्तसप्ततितमोऽध्यायः

एवं यदूनां शाल्वानां निघ्नतामितरेतरम्।

युद्धं त्रिणवरात्रं तदभूत्तुमुलमुल्बणम्॥ ५

evaṃ yadūnāṃ śālvānāṃ nighnatāmitaretaram|

yuddhaṃ triṇavarātraṃ tadabhūttumulamulbaṇam|| 5

अर्थ

इस प्रकार यदुवंशी और शाल्वके सैनिक एक-दूसरेपर प्रहार करते रहे। बड़ा ही घमासान और भयंकर युद्ध हुआ और वह लगातार सत्ताईस दिनोंतक चलता रहा॥ ५॥

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